प्यारे दोस्तो, कैसे हैं आप! अब मैं अपनी स्टोरी शुरु करता हूं अगले दिन मेरी बहन मुझ से और मैं बहन से आंख नहीं मिला पा रहे थे.
प्यारे दोस्तो, कैसे हैं आप! अब मैं अपनी स्टोरी शुरु करता हूं अगले दिन मेरी बहन मुझ से और मैं बहन से आंख नहीं मिला पा रहे थे.
तब मेरी मम्मी आयीं और बोली- अरे सुबह से उठे हो नहाये नहीं अभी कोई भी चलो सब नहाते हैं!
मैंने और सिस्टर ने कहा- ठीक है।
हम नहाने अंदर चले गये, हमने अपने कपड़े उतार दिये मुझे, मेरी बहन और मम्मी को कोई झिझक नहीं हुई तब मम्मी ने देखा मैं अपनी बहन से बात नहीं कर रहा हूं तो बोली क्या हुआ? बात क्यों नहीं कर रहे हो? मैंने कहा- कुछ नहीं! तब मम्मी बोली- कल की वजह से? मैंने कहा- हाँ! मम्मी ने कहा- क्या हुआ? इतना समझ कर भी ऐसे हो? चलो नहाओ रोज़ की तरह तब।
मेरी बहन ने मेरे ऊपर पानी डाला और मैंने भी फ़िर साबुन लगाया उसने मेरे पैर और मेरा लंड पकड़ लिया और मस्त हो गई फ़िर मैंने लगाया और उसकी चूचियाँदबाने लगा और अपना लंड उसकी चूत पर लगा दिया.
वो भी एक्साइटेड हो गई और बोली- अब शरम छोड़ो क्या हम नहीं कर सकते चुदाई? तो मैंने कहा- कर सकते हैं, पर मम्मी से परमीशन ले लो! तब मम्मी कहा- कर लो… पर कंडोम जरूर लगाना! मैंने कहा- ठीक है!
तब मैंने पूछा- रात मजा आया था? तो बोली- बहुत… अब मैं बाहर किसी और से नहीं चुदाई करवाऊँगी! जब घर में 2-2 लंड हैं तो मैंने फ़ैसला कर लिया है शादी के बाद भी पापा से और आप से चुदाई करवाती रहुंगी.
मैंने कहा- मैंने भी फ़ैसला किया है कि मैं भी मम्मी और तुम्हारी शादी के बाद भी करता रहुंगा.
मम्मी ने कहा- तुम्हारे पापा और मैंने भी फ़ैसला किया है, जब चाहो चुदाई करेंगे मिल कर!
तब मैंने अपनी बहन की चूत में तेल लगाया और मम्मी के… फ़िर पहले मैंने अपनी बहन की चूत में अपना लंड डाला और उसकी चुदाई की और चुदाई से पहले उसने मेरा लंड चूसा और मैंने उसकी चूत को फ़िर मैंने मम्मी की चुदाई की.
मेरी बहन की चूत अभी भी बहुत टाइट थी और एक दम गर्म।
मेरी मम्मी ने कहा कि अब कभी बाहर मत करना किसी और लड़के से और किसी और लड़की से फ़िर थोड़ी देर बाद।
मैं बाहर घूम कर आया और मैंने फ़िर अपनी बहन को बोला की मुझे आज तुम्हारी गांड मारनी है! वो बोली- दर्द होगा! तो मैं बोला- आराम से करुंगा दर्द होगा एक बार पर फ़िर आदत हो जायेगी और दर्द भी नहीं होगा मज़ा भी खुब आयेगा.
तब मैंने अपनी बहन की गांड पर तेल लगाया और पहले ऊँगली डाली फ़िर अपना लंड लगा दिया. वह चिल्ला पड़ी- फ़ट गई मेरी गांड बहुत टाइट है आराम से डालो!
मैंने फ़िर धीरे 2 अंदर डाला और फ़िर खूब चुदाई की फ़िर उसे भी मज़ा आया तब उस रात हमने खूब चुदाई की.
एक दिन हम कहीं घूमने गये हमारे बेग में कपड़े थे पर बाहर बड़ी बारिश हो रही थी हमारे सारे कपड़े भीग गये बेग के भी हमने एक रूम ले लिया हमे 4-5 दिन रुकना था रात को हमने फ़ैसला किया कपड़े तो भीग गये हैं सब बिना कपड़ों के एक ही रज़ाई में सोयेंगे क्योंकि कोई और रास्ता नहीं है.
तब पापा मेरी बहन के साथ मैं मम्मी के साथ सोया और रात भर खूब चुदाई की कभी चूत मारी कभी गांड और फ़िर हमने चेंज किया मम्मी पापा के साथ और मैं मेरी बहन के साथ उसकी गर्म 2 चूत बड़ा मज़ा आया फ़िर मैंने गांड भी मारी और रात को ऐसे ही अंदर डाल कर सो गये हमने वहाँ 5 दिन रुकना था हम बाहर घूमने नहीं गये बस दिन रात चुदाई की।
— Antarvasna3

Author ne bahut mehnat se likha hai, samajh aa raha hai.
First time is site pe aaya, ab roz aaunga.
Bahut hi natural lagi kahani, jaise sach mein ho raha ho.
Itni lambi kahani bhi bore nahi hui, likhne ka talent hai aapme.
Itni lambi kahani bhi bore nahi hui, likhne ka talent hai aapme.
Aur stories bhi daalo is topic pe please.
Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Kamaal ka likha hai, mann khush ho gaya.
Story short thi par impact bahut zyada tha.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Story short thi par impact bahut zyada tha.
Bohot real lagi ye story, dil khush ho gaya.
Ye story mere dost ne bheji thi, ab main bhi fan ho gaya.
Bahut hi umda kahani thi, thanks for sharing.
Sach mein dil ko chu gayi ye kahani.