वैसे तो मेरा नाम ही काफ़ी है गुजरात की औरतों की चूत में हलचल पैदा करने के लिये वैसे आप सभी दोस्त मुझे जानते ही हो।
वैसे तो मेरा नाम ही काफ़ी है गुजरात की औरतों की चूत में हलचल पैदा करने के लिये वैसे आप सभी दोस्त मुझे जानते ही हो।
एक दिन एक मेल आया और मुझसे कहा- कोन्टक्ट मी।
तो मैंने जवाब दिया और ऑनलाइन टाइम दिया।
दोस्तो, आप यकीन नहीं करोगे, उसने मेरे रिप्लाई के लिये 6 घंटे ऑनलाइन वेट किया था, उसने बाद में बताया था।
और मैं उसे मेल करके अपना पीसी बंद ही कर रहा था कि उसका रिप्लाई मेल ओन थिस स्पॉट आया और उसी वक्त हम ओन-लाइन मिले, मैंने उससे पूछा तुम कोन हो?
उसने बताया- मैं 24 साल की विवाहित औरत हूँ और आपकी कहानी मुझे बहुत पसंद आई।
मैंने पूछा- मैंने तो बहुत कहानियाँ लिखी हैं, आपको कौन सी पसंद आई?
उसने कहा- वो सुहागरात वाली।
मैंने उसे कहा- बोलिये, मैं आप के लिये क्या कर सकता हूँ?
उसने कहा- आप जानते ही हो।
मैंने कहा- सॉरी, मुझे नहीं पता कि तुम क्या कहना चाहती हो?
उसने कहा- मुझे बताने में शर्म आती है।
मैंने कहा- आपके और मेरे बीच जो बात होगी वो किसी तीसरे को पता नहीं चलेगी।
उसने कहा- आई वांट टू मीट यू एंड एन्जॉय विद यू !
मैंने कहा- आपका मतलब क्या है?
उसने कहा- तुम बड़े फ़ास्ट हो… ओ के… मैं तुम्हारे साथ सेक्स एन्जोय करना चाहती हूँ।
मैंने कहा- ठीक है, बताओ कब, कहाँ मिलना है?
उसने कहा- मुझे नहीं पता, तुम ही बताओ।
मैंने कहा- बताओ तुम्हारा नाम क्या है और कहाँ रहती हो?
उसने कहा- मेरा नाम पायल है और मैं गुजरात में रहती हूँ।
आप समझ ही गये होंगे कि यह नाम बदला हुआ है।
मैंने कहा- आपके घर में कौन कौन है?
उसने कहा- मैं और मेरे पति।
मैंने कहा- तो क्या प्रोब्लम है? तुम्हारे घर पर ही मिलते हैं।
उसने कहा- नहीं, मुझे बहुत डर लगता है, किसी होटल में मिलें?
मैंने कहा- देखो, होटल से घर ज्यादा सेफ़ रहता है।
कुछ देर बाद उसने कहा- ओ के ! मेरे पति अगले मंगलवार को बिजनेस के काम से बाहर जाने वाले हैं। तुम मुझे अपना फ़ोन नम्बर दे दो, मैं तुम्हें काल करुंगी। मैंने कहा- ठीक है।
मंगलवार को उसने मुझे फोन किया उसकी आवाज़ बहुत ही सेक्सी थी उसके बात करने का अंदाज भी काफ़ी सेक्सी था;
उसने कहा- मेरे हबी 12 बजे बाहर जाने वाले हैं, तुम एक बजे आ जाओ !
और अपना पता दिया।
मैं ठीक उसके दिये हुये टाइम पर उसके घर पर पहुंचा और डोरबेल बजाई तो उसने दरवाजा खोला।
मैं तो उसे देखता ही रह गया क्या लुक था उसका 5’6′ हाईट, गोरा रंग और सेक्स बम दिख रही थी।
मैं तो उसे देखता ही रह गया।
उसने पूछा- क्या है?
‘पायल?’
उसने हाँ में सर हिलाया, मैंने कहा- मैं सुनील हूँ।
तो उसने मुझे वेलकम किया और हम अंदर गये और उसने दरवाजा बंद कर दिया।
उसका फ़्लैट काफ़ी शानदार था। उसने मुझे बैठने को कहा और वो पानी लेने किचन में चली गई।
उसने साड़ी नाभि के नीचे से बांध रखी थी और जब वो चल रही थी तो उसकी बैक साइड बैकलेस ब्लाउज़ होने की वजह से क्या कयामत ढा रही थी्।
वो पानी लेकर आई और पूछा- घर ढूंढने में कोई परेशानी तो नहीं हुई?
मैंने कहा- डियर, मैं इसी शहर में रहता हूँ, क्या परेशानी होती।
फिर उसने कहा- वेल, क्या पियोगे चाय, कोफ़ी या कुछ कोल्डड्रिंक्स?
मैंने कहा- डियर, आज मैं तुमको पीने के मूड में हूँ।
तो उसने एक मीठी सी मुस्कान के साथ अपनी आँखें बंद की और अपने होंठ आगे किये और कहा- लो डियर, पी लो, काफ़ी गर्म हैं।
मैंने कहा- श्योर !
और हम फ़्रेंच किस करने लगे, मैं एक हाथ से उसके बालों, गर्दन और कमर को सहलाने लगा और दूसरे हाथ से उसकी जांघें सहलाने लगा।
और हमारे लब और जीभ एक दूसरे में समा गये।
15 मिनट किस करने के बाद उसने कहा- सुनील, यहाँ नहीं, बेडरूम में चलो।
मैंने कहा- चलो जान !
वो मुझे बेडरूम में ले गई, वो आगे चल रही थी और मैं उसके पीछे !
बेडरूम में जाकर मैंने उसे पीछे से पकड़ कर अपने से जकड़ लिया और उसके उरोज दबाने लगा और उसकी गर्दन और कंधे पर चुम्बन करने लगा।
धीरे से उसके कान पर लव बाइट किया तो तिलमिला उठी और घूम कर मेरे सीने से लिपट गई।
मैं उसकी पीठ और हिप्स को सहलाता रहा और वो मुझे कसके पकड़े खड़ी रही।
फिर मैंने उसका चेहरा जो मेरे सीने में उसने छुपा लिये थे वो ऊपर किया और हम किस करने लगे।
मैंने उसके बूब्स सहलाते सहलाते उसकी साड़ी उतार दी और ब्लाउज़ के ऊपर से उसके बूब्स दबाने लगा।
वो आआअह्हह्ह आआअह्ह करने लगी।
फिर मैंने एक हाथ उसके पेटीकोट के ऊपर से उसकी चूत पर रखा तो वो पहले से ही गीली हो गई थी, मैंने चूत को थोड़ा सहलाया फिर उसके ब्लाउज़ और पेटीकोट को उतार दिया और वो मेरे सामने केवल ब्रा और पैंटी में खड़ी थी। खुले रेशमी बाल ऐसा लगता था कि कोई मार्बल का स्टेच्यु हो वो किसी फिल्म में।
पायल को मैंने उसे सर से लेकर पांव तक उसके बदन के हर एक अंग को चूमा वो मेरे हर एक किस पर सिसकती जाती थी।फिर वो बोली- मुझे और मत तड़पाओ डियर… अब मुझसे सब्र नहीं होता।
उसने मेरे सारे कपड़े फ़टाफ़ट निकाल दिये और मेरी बदन को अपने हाथों से सहला के मेरे लौड़े को पकड़ कर सहलाने लगी और नीचे घुटनों के बल बैठ के मेरे लौड़े को मुंह में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी।
मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा था दोस्तो, पूरी बोतल का नशा छा रहा था, मैं मदहोश हुआ जा रहा था, क्या बताऊं क्या हालत हुई थी मेरी उसके लंड चूसने से।
फिर मैंने उसे उठाया और हम बेड पे गये।
मैंने उसकी ब्रा और पैंटी उतार दी और उसको लिटा कर उसे किस किया फिर उसके बूब्स क्या कयामत थे, उन्हें दबाया और उसकी निप्पल को चूसा।
जब मैं उसकी निप्पल पे अपनी जीभ घुमाता था तब वो आअह्हह स्सस्सहुसूऊऊओ और दबवूऊऊओ आआअ मज़ा आआअ रह्हह्हह आआअहे डियर !
सच कहूँ दोस्तो वो इतनी गोरी थी कि जब मैंने उसके चूचे दबाये तो वो एकदम लाल हो गये।
फिर थोड़ा नीचे होकर मैंने उसकी नाभि में जीभ घुमाई तो वो मेरे बालों को पकड़ कर मुझे हटाने लगी।
फिर मैं थोड़ा और नीचे हुआ और उसके दोनो पैरों को खोल कर उसकी चूत पर मैंने अपने होंठ रखे और किस किया।
वो बोली- कितना तड़पा रहे हो सुनील, प्लीज़ जल्दी से खा जाओ इसे !
मैं उसकी क्लीन शेव चूत को बड़े मज़े लेकर चाटने लगा। मेरी जीभ से ही वो दो बार झड़ गई, उसकी आवाजें सुन कर तो मुझे ऐसा लगा कि वो जिंदगी मैं पहली बार चुदवा रही हो, ऐसा रियेक्ट कर रही थी।
उसने कहा- तुमने तो मुझे चाट कर ही ढीला कर दिया।
मैंने कहा- मेरी जान, तुमने एंजोय ही तो करना था न, बोलो हुआ कि नहीं एंजोय?
उसने कहा- हाँ बहुत…
फिर मैं साइड में लेट गया और वो मेरे लंड को थोड़ी देर चूसने के बाद मेरे लंड के उपर सवार हो गई।
क्या स्ट्रोक लगा रही थी वो।
दोस्तो जब वो मेरा लंड अपनी चूत में लिये आगे पीछे हो रही थी और आह्ह्हाअह कम ओन आह्ह्हाअह आआ अह आह कर रही थी, उसके बूब्स जो उछल रहे थे उसे देख कर मेरा सेक्स पावर और बढ़ गया वो मेरे सीने को सहलाते हुए स्ट्रोक कर रही थी और साथ साथ में किस भी कर रही थी और में उसके गोरे गोरे बूब्स भी दबा रहा था।
वो तो आह्ह्हाअह आह्ह्हाअह आआ अह आह कम ओन मी चोदो चोदो मुझे फ़क मी ! कर रही थी।
समझ में नहीं आ रहा था कि वो मुझे चोद रही है या मैं उसे चोद रहा हूँ।
वो ऐसे ही दो बार झड़ गई और बोली- बस अब और नहीं !
तो मैंने कहा- डियर, अभी तो तुम्हारा ही हुआ है, मेरा तो कुछ एंजोयमेंट करो !
तो वो साइड में लेट गई और मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी लाल लाल चूत में लंड डालकर उसे चोदने लगा।
थोड़ी देर में मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने कहा- आई एम कमिन्ग।
उसने कहा- डोंट वरी, अंदर ही डाल दो, मैं गोली ले चुकी हूँ।
और मैं उसे चोदते चोदते उसकी चूत में ही झड़ गया, मेरे माल से उसकी चूत चिकनी हो गई।
हम रिलेक्स होकर बेड पे लेट गये एक दूसरे को चिपक कर।
मैंने उससे पूछा- डियर, तुम क्या अपने पति से संतुष्ट नहीं हो क्या?
तो उसने कहा- मैं अपने पति से बहुत संतुष्ट हूँ।
तो मैंने पूछा- तो तुम मेरे साथ एंजोय करना क्यों चाहती थी?
उसने कहा- रोज एक ही तरीके के सेक्स से बोर हो गई थी, तो सोचा कुछ अलग करुं।
मैंने कहा- तो कैसा रहा?
बोली- आई एम वैरी हैपी!
तो मैंने कहा- जिसको जो चाहिये वो मिल ही जाता है।
तो बोली- लेकिन हम ये सब दोबारा नहीं करेंगे।
मैंने उसे कहा- डियर जो तुम्हारी मर्जी !
फिर हम बाथरूम में जाकर फ़्रेश हुए और फिर मैं कपड़े पहन अपनी फ़ीस लेकर वापस चला आया और फिर हम एक दूसरे को भूल गये, न ही कभी उसने मुझे सम्पर्क किया न ही मैंने कभी।
— Antarvasna3

Author ne bahut mehnat se likha hai, samajh aa raha hai.
Story bahut acchi thi, likhne ka andaz kamaal hai.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Story short thi par impact bahut zyada tha.
Author ne bahut mehnat se likha hai, samajh aa raha hai.
Real experience jaisa laga padh kar.
Bhai tumhari likhne ki style alag hi level ki hai.
Full paisa vasool story! Keep writing.
Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Ye kahani save kar li maine, dobara padhunga.
Sach mein dil ko chu gayi ye kahani.
Ye kahani save kar li maine, dobara padhunga.