हैलो रीडर्स, आई एम रोहित बैक वंस अगैन
हैलो रीडर्स, आई एम रोहित बैक वंस अगैन
आई एम २४ इयर्स ओल्ड एंड विद ए गुड फिज़िक & गुड मशीन साइज़। बात तब की है जब मैं कॉलेज में था एमए फ़ाइनल कर रहा था और कॉलेज में फेस्ट चल रहा था। निधि मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी और मैं उसे दिल ही दिल में चाहता भी बहुत था लेकिन कभी कहने की हिम्मत नहीं होती थी। हम दोनों खूब साथ कॉलेज में रहते थे बात चीत करते थे लेकिन इससे ज़्यादा न कभी मैंने न कभी उसने ही कोई पहल करी। फेस्ट में हम दोनों एक्टर ऐक्ट्रेस का रोल कर रहे थे। नाटक शाम को ५ बजे होना था और हम १ बजे से ही रिहर्सल कर रहे थे। लगभग २ घंटा पहले मेक अप करके हम दोनों को थोड़ी देर डाइरेक्टर ने हमें एक ही कमरे में छोड़ दिया और डाइलोग बोल कर देखने को कहा। उसने एक आदिवासी की साड़ी पहनी थी और मैंने एक धोती और एक फटा हुआ बनियान पहना हुआ था क्योंकि मैं नाटक में एक मजदूर और वो मेरी बीवी का रोल कर रही थी।
नाटक की प्रक्टिस में हम दोनों को एक सीन में डांस करना था मैंने उसकी कमर में हाथ डाला और उसने मेरी कमर में हाथ डाला और हमने डांस करना शुरू किया। उसके बाद एक बेंच से टकरा कर वो थोडी सी लड़खड़ायी और उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया। अचानक मेरी नज़र उसके बूब्स पर चली गई जो ब्लाउज़ का गला गहरा होने की वजह से साफ साफ दिखाई पड़ रहे थे। उसका रंग इतना गोरा था कि मानो दूध से भी सफ़ेद। साइज़ तो बस एक दम परफेक्ट। इतना परफेक्ट कि कोई भी देखे तो बस देखता ही रह जाए। शायद ३६-२६-३४ होगा। मेरी निगाह उसकी छाती से ही अटकी रह गई। तभी मैंने देख कि निधि अपने साड़ी का पल्लू उठाने की बजाय मेरी तरफ़ ही देखे जा रही है। मुझे लगा कि शायद ग्रीन सिग्नल मिल रहा है मैंने चेहरा ऊपर उठा कर उसके लिप्स पर किस करना शुरू कर दिया। उसने कोई विरोध नहीं किया। मैं किस और ज़्यादा डीप करता गया और फ़िर अपनी जीभ उसके मुंह मी दे दी और फ़िर उसके जीभ मेरे मुंह में भी आ गई। वो भी बहुत एन्जॉय कर रही थी।
मैंने मौका देखते हुए उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और ब्लाउस के ऊपर से ही पूरा मज़ा लेने के बाद मैंने ब्लाउज़ के अन्दर हाथ डालने की बजाय उसे पीछे से बांहों में भर कर उसकी गांड दबाने लगा। मैंने वो भी मुझे बिल्कुल मना करने की बजाय मेरा साथ दे रही थी मैंने अब देर न करते हुए उसकी साड़ी को उठाया और उसकी गोरी गोरी टांगो को देख कर मेरी आँख जैसे खुली की खुली ही रह गई। मैं उसकी टांगों को नीचे से चूमता हुआ ऊपर तक गया और उसकी काले रंग की पैंटी को किस किया और फ़िर देर न करते हुए उसकी पैंटी को उतार कर उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो और ज़्यादा गरम होती जा रही थी।
मैंने अब देर न करते हुए अपनी धोती खोल कर अपने लंड को आज़ाद किया जिसका कच्छे में बुरा हाल हो रहा था। ८ इंच लंबा और ३ इंच मोटा लंड देखते ही उसके होश उड़ गए और वो कहने लगी कि नहीं रोहित प्लीज़ मेरे साथ वो मत करना मुझे बहुत दर्द होगा। मैंने कहा डरो मत मेरी जान मैं बिल्कुल दर्द नहीं करूँगा मगर वो मान ही नहीं रही थी। तो मैंने उसको कहा कि क्या तुम मेरे इस हथियार को अपने मुंह में ले सकती हो? उसने पहले तो मना किया पर फ़िर मेरे बार बार प्लीज़ कहने पर वो मान गई अब वो मेरे लंड को चूस रही थी और मैं मानो जन्नत में था। उससे खूबसूरत लड़की को मैंने अपनी ज़िंदगी में नहीं देखा था और वो मेरा लंड चूस रही थी।
थोड़ी देर के बाद वो पूरे मज़े के साथ चुसाई का काम करने लगी और उसे भी खूब मज़ा आ रहा था। अब मैंने उसको कहा कि जानू एक बार असली खेल भी खेल लेते हैं फ़िर बहुत मज़ा आएगा। वो फ़िर भी घबरा रही थी लेकिन अब की बार थोड़ा सा ही समझाने पर वो तुरंत मान गई और मैंने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर अपने लंड और उसकी चूत पर लगाया और अपना काम धीरे धीरे शुरू किया। उसे बहुत दर्द हो रहा था। मगर अब वो कुछ बोल भी नहीं सकती थी क्योंकि अगर वो थोड़ी से भी आवाज़ बाहर निकालती तो बाहर से कोई भी आ सकता था। ऐसे में मैंने अपने होठ उसके होठों पे रख दिए और चुदाई कार्यक्रम शुरू कर दिया। थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और फ़िर लगभग १५ मिनट की मजेदार चुदाई के बाद हम दोनों ने अपना अपना पानी छोड़ दिया। उसके बाद तो मैंने लगभग हर हफ्ते उसे उसके घर पर जाकर चोदा।
वैसे वो आज भी मेरी बेस्ट फ्रेंड है पर अब उसकी शादी हो गई है। हालांकि शादी को २ महीने ही हुए हैं पर हो सकता है कि मेरा प्रोग्राम अभी भी चलता रहे।
— Free Sex Kahani

Sach mein dil ko chu gayi ye kahani.
Author ne bahut mehnat se likha hai, samajh aa raha hai.
Aur stories bhi daalo is topic pe please.
Bohot real lagi ye story, dil khush ho gaya.