हेलो दोस्तो! मैं अपने दोस्त नवीन के यहाँ घूमने गया था। उसके परिवार में वो, उसकी बहन निशु और मम्मी डैडी हैं। मेरा पहला यौन-सम्बंध निशु संग हुआ था।
हेलो दोस्तो! मैं अपने दोस्त नवीन के यहाँ घूमने गया था। उसके परिवार में वो, उसकी बहन निशु और मम्मी डैडी हैं। मेरा पहला यौन-सम्बंध निशु संग हुआ था।
रात के करीब नौ बजे खाना खाने के बाद नवीन, निशु और मैं रज़ाई औढ़े अंताक्षरी खेल रहे थे। मेरी बगल में नवीन और सामने निशु बैठी थी। आध घण्टे से मेरे पैर मुड़े होने के कारण दर्द करने लगे थे तो मैंने अपने पैर सीधे कर लिए।
मुझे महसूस हुआ कि मेरा पैर किसी मुलायम चीज़ से छू रहा है। मैंने अपने पैर के अंगूठे को धीरे धीरे हिलाया तो समझ गया कि वो मुलायम चीज़ निशु की चूत है, परन्तु निशु मुझे कुछ कह नहीं रही थी, चुपचाप अन्ताक्षरी खेल रही थी। एक घण्टे बाद हम तीनों एक साथ सो गए। बीच में नवीन सोया था। मेरी आंखों से नींद गायब थी। मैं कैसे भी निशु को चोदना चाहता था।
रात के करीब दो बजे निशु बिस्तर से उठ कर बाथरूम जा रही थी, मैं भी उठा, उसके पीछे पीछे बाथरूम में घुस गया और उसे पीछे से अपनी बाहों में ले लिया। पहले तो वो घबराई, ऐसे दिखाने लगी कि रात वाली घटना से अन्जान हो, लेकिन मैं पूरे जोश में था, जैसे ही उसकी चूत पर हाथ रखा, वो चिहुंक गई और अपनी आंखें बंद कर ली- प्लीज़ रंजन भैया मत करो! मुझे कुछ होता है!’
‘क्या होता है?’ ‘पता नहीं लेकिन बहुत अच्छा लगता है!’ ‘अब और मज़ा आएगा मेरी प्यारी निशु! साथ दोगी?’ ‘हाँ! लेकिन मैं गर्भवती तो नहीं हो जाऊँगी?’ ‘नहीं’
मैंने उसकी चूची पर हाथ रखा ओर आहिस्ते से सहलाने लगा। मैं उसके कमसिन होठों का रस पीने लगा- कैसा लग रहा है?’
‘शऽऽऽ मत पूछिए बस करते रहिए आहऽऽऽ’
मैंने उसकी कमीज़ को ऊपर से खोल दिया, अन्दर उसने गंजी पहनी थी। गंजी के ऊपर से मैं निशु की चूची मसलने लगा।
निशु भी अपना हाथ मेरे लण्ड के ऊपर रख कर लण्ड को मसलने लगी। थोड़ी देर बाद उसने मेरा पायज़ामा खोल दिया। मेरे लण्ड को अन्डरवीयर से निकाल कर अपने हाथ से मुठ मारने लगी। मैं भी ताव में आ गया और उसकी गंजी उतार कर उसकी चूचियों को आज़ाद कर दिया और मुंह में ले कर चूसने लगा।
‘हायऽऽऽ जरा जोर से दबाईए ना! बहुत मज़ा आ रहा है!’
‘तुमने पहले किसी से…’
‘नहीं भाई, लेकिन ब्लू फ़िल्म देखती हूं!’ ‘अच्छा! ‘ ‘क्या आप मेरी बुर को चूसना पसन्द करेंगे?’ ‘क्यों नहीं.. लेकिन पहले तुम मेरे लण्ड को चूस लो… उसके बाद…’
निशु नीचे झुकी और मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी। मैंने उसकी सलवार उतार कर उसे पूरी तरह नंगी कर दिया। मेरे शरीर पर भी कोई कपड़ा नहीं था, हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।
‘क्या हम एक दूसरे का बुर और लण्ड चूसें?’ ‘हाँ बिल्कुल!’
वो जमीन पर लेट गई, मैंने अपना लण्ड उसके मुंह में डाल दिया और अपना चेहरा उसकी बुर पे ले गया। निशु की बुर की खुशबू मुझे पागल कर रही थी। मैं अपनी जीभ से उसकी बुर का रस पीने लगा। ‘अब प्लीज़ मुझे चोदिए!’
मैं खड़ा हो गया, उसने लेटे हुए अपने पांव ऊपर किए। मैंने अपना लण्ड जैसे ही उसकी बुर पर रखा, निशु की बुर भट्टी की तरह जल रही थी। उसके चूसने से मेरा लण्ड गीला था। मैंने जोर से लण्ड को उसकी बुर में डाला- प्लीज़ निकाल लो! बहुत दर्द हो रहा है’
मैंने देखा मेरे लण्ड का आधा सुपारा उसकी बुर में है और बुर से खून निकल रहा है। मैं उसके होंठ चूसने लगा ओर जोर जोर से चूचियों को मसलने लगा, धीरे से लण्ड को भी अन्दर करता रहा।
थोड़ी देर में निशु कमर हिलाने लगी। मैं भी अब पूरे जोर से उसकी बुर को चोदने लगा.’आ आ अई आहऽऽऽ और तेज़ऽऽ…’
‘उफ़्फ़’ ‘आआह्हऽऽ’ ‘मेरा गिरने वाला हैऽऽऽ प्लीज़ और तेज़ऽऽ!’ निशु मुझसे चिपकने लगी। इस तरह हम दोनों एक साथ झड़ गए और काफ़ी देर तक एक दूसरे के साथ चिपके रहे।
उसके बाद हम बिस्तर पर आकर सो गए।
— Antarvasna Stories

Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Bahut badiya story hai, maza aa gaya padh kar!
Bahut din se aisi story dhundh raha tha, mil gayi finally.
Real experience jaisa laga padh kar.
Bhot hi sundar likha hai, dil se maza aaya.
Sach mein dil ko chu gayi ye kahani.
First time is site pe aaya, ab roz aaunga.
Yeh site meri favorite ban gayi hai, roz naye stories padhta hoon.
Author ne bahut mehnat se likha hai, samajh aa raha hai.
Story bahut acchi thi, likhne ka andaz kamaal hai.
Bahut din se aisi story dhundh raha tha, mil gayi finally.
Mast story thi, aur bhi aise likhte raho.
Kahani mein emotion bhi tha aur maza bhi, badhiya combo.
Likhte raho aise hi, hum padhte rahenge.